Himachal Cabinet Discusses Economic Impact After Centre Discontinues RDG

आरडीजी बंद होने से हिमाचल की अर्थव्यवस्था पर असर, मंत्रिमंडल बैठक में दो घंटे तक मंथन

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Himachal Cabinet Discusses Economic Impact After Centre Discontinues RDG

हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में केंद्र सरकार द्वारा आरडीजी (राज्य विकास अनुदान) योजना को बंद किए जाने के बाद राज्य पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभावों को लेकर गंभीर और विस्तृत चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में हुई यह बैठक करीब दो घंटे तक चली, जिसमें प्रदेश की वित्तीय स्थिति, विकास योजनाओं और राजस्व प्रबंधन पर पड़ने वाले असर का गहन विश्लेषण किया गया।

बैठक के दौरान प्रधान सचिव वित्त ने आरडीजी योजना के समाप्त होने से होने वाले प्रभावों को प्रेजेंटेशन के माध्यम से मंत्रिमंडल के समक्ष रखा। इसमें बताया गया कि आरडीजी बंद होने से राज्य की आय में कमी आएगी, जिससे चालू वित्तीय वर्ष में बजट संतुलन बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। खासकर विकास परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं पर इसका सीधा असर पड़ने की आशंका जताई गई।

प्रेजेंटेशन में यह भी स्पष्ट किया गया कि आरडीजी के समाप्त होने से राजस्व और व्यय के बीच असंतुलन बढ़ेगा, जिससे राज्य को अतिरिक्त उधारी या कठोर वित्तीय फैसलों की ओर बढ़ना पड़ सकता है। वित्त विभाग ने स्थिति से निपटने के लिए कुछ व्यवहारिक और कड़े विकल्प भी सुझाए। इनमें गैर-जरूरी खर्चों पर नियंत्रण, योजनाओं के क्रियान्वयन में प्राथमिकता तय करना, तथा अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए नए राजस्व स्रोत तलाशने जैसे उपाय शामिल हैं।

मंत्रिमंडल ने इस मुद्दे को न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से भी गंभीर बताया। बैठक में यह सहमति बनी कि राज्य सरकार को केंद्र के साथ इस विषय पर संवाद तेज करना चाहिए, साथ ही आंतरिक स्तर पर वित्तीय अनुशासन को और मजबूत करने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के हितों को ध्यान में रखते हुए एक ठोस रणनीति तैयार की जाए, ताकि विकास की रफ्तार प्रभावित न हो और आम जनता पर आर्थिक दबाव न पड़े। सरकार आने वाले दिनों में इस संबंध में अहम निर्णय ले सकती है।